Sexy poem in hindi. काव्यालय : Kaavyaalaya 2019-08-13

Sexy poem in hindi Rating: 5,1/10 424 reviews

[A to Z] Friendship Poetry & Dosti Shayari { in Hindi/Urdu }

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. It is a human factor that they relate Poetry to their personal experiences in life. सुख से हँसना जी भर गाना मस्ती से मन को बहलाना पर्व हो गया आज- साजन! जलाने जग को आई है! इसी बहाने क्षण भर गा लें दुखमय जीवन को बहला लें ले मस्ती की आग- साजन! ताता गोदरेजवाली पारसी सेठों की बोली? They visit various places in Delhi and enjoy the romance of life during their dating period. . We hope our latest collection of Urdu Romantic Poetry will create an everlasting thought on you. Most Romantic Poetry in Urdu Hindi Romantic Poetry in Urdu plays a major role to explain your true feelings that you do not want to hide.

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Hindi Love Poems

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कुछ फरेब करना सिखाओ कुछ चुप रहना वरना तुम्हारे कदमों पर चलनेवाला कवि मार दिया जाएगा खामखां महत्वपूर्ण यह भी नहीं कि तुम उसे जीवन देती हो - जयप्रकाश मानस Jaiprakash Manas जब माँ नींव की तरह बिछ जाती है पिता तने रहते हैं हरदम छत बनकर भाई सभी उठा लेते हैं स्तम्भों की मानिंद बहन हवा और अंजोर बटोर लेती है जैसे झरोखा बहुएँ मौसमी आघात से बचाने तब्दील हो जाती हैं दीवाल में तब नई पीढ़ी के बच्चे खिलखिला उठते हैं आँगन-सा आँगन में खिले किसी बारहमासी फूल-सा तभी गमक-गमक उठता है एक अदद घर समूचे पड़ोस में सारी गलियों में सारे गाँव में पूरी पृथ्वी में - अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' Ayodhya Singh Upadhyaya Hariaudh छ्प्पै - शिवनारायण जौहरी विमल दुबले पतंगी कागज़ का उड़ता हुआ टुकड़ा नहीं प्रसूती मन की बलवती संतान हैं। - अज्ञेय Ajneya नहीं, ये मेरे देश की आँखें नहीं हैं पुते गालों के ऊपर नकली भवों के नीचे छाया प्यार के छलावे बिछाती मुकुर से उठाई हुई मुस्कान मुस्कुराती ये आँखें - नहीं, ये मेरे देश की नहीं हैं. For few poets it might be very simple to allow them to compose friendship poetry. क्योंकि सपना है अभी भी इसलिए तलवार टूटी अश्व घायल कोहरे डूबी दिशाएं कौन दुश्मन, कौन अपने लोग, सब कुछ धुंध धूमिल किन्तु कायम युद्ध का संकल्प है अपना अभी भी - धर्मवीर भारती Dhramvir Bharti उत्तर नहीं हूँ मैं प्रश्न हूँ तुम्हारा ही! मैं अरक्षिता, दलिता, तप्ता, नंगा पाशवता का नाच!! वह किसी मनस्विनी-सी उदास ताक रही हैं शून्य में सोचते हुए --- राम और सीता के साथ अवश्य ही लौट आए होंगे लक्ष्मण पर उनके लिए उर्मिला से अधिक महत्वपूर्ण है अपने भ्रातृधर्म का अनुशीलन उन्हें अब भी तो लगता होगा ---- हमारे समाज में स्त्रियाँ ही तो बनती हैं धर्मध्वज की यात्रा में अवांछित रुकावट --- सोच कर सिसक उठती है उर्मिला चुपके से काजल के साथ बह जाती है नींद जो अब तक उसके साथ रह रही थी सहचरी-सी! Take a few minutes to talk with now and discover how you can begin a Powerful personal relationship with. . When the shayari is composed in love style the human being mostly compose best features of their good friend or maybe why not consider exactly how the good friend performed better.

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कविताएं

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~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ नफरतें भरी जब दिलों में कोई प्रीत-बीज कैसे उपजाऊं? Poetry is one of the most universal vehicles of human expression and Romantic Poetry in Urdu focuses on imagination, appreciation of nature, emotions, individualism, and passion. ए, काशी विश्वविद्यालय की यह रचना लाहौर से प्रकाशित 'खरी बात' में 1935 में प्रकाशित हुई थी। - भारत-दर्शन संकलन Collections पैदा हुआ उसी दिन, जिस दिन बापू ने था जन्म लिया भारत-पाक युद्ध में जिसने तोड़ दिया दुनिया का भ्रम। - कमला प्रसाद मिश्र Kamla Prasad Mishra मैं अपनी कविता जब पढ़ता उर में उठने लगती पीड़ा मेरे सुप्त हृदय को जैसे स्मृतियों ने है सहसा चीरा - कमला प्रसाद मिश्र Kamla Prasad Mishra उमड़ा करती है शक्ति, वहीं दिल में है भीषण दाह जहाँ है वहीं बसा सौन्दर्य सदा सुन्दरता की है चाह जहाँ उस दिव्य सुन्दरी के तन में उसके कुसुमित मृदु आनन में इस रूप राशि के स्वप्नों को देखा करता था शाहजहाँ - रामधारी सिंह दिनकर Ramdhari Singh Dinkar झंझा सोई, तूफान रूका, प्लावन जा रहा कगारों में; जीवित है सबका तेज किन्तु, अब भी तेरे हुंकारों में। - रघुवीर सहाय Raghuvir Sahay निर्धन जनता का शोषण है कह कर आप हँसे लोकतंत्र का अंतिम क्षण है कह कर आप हँसे सबके सब हैं भ्रष्टाचारी कह कर आप हँसे चारों ओर बड़ी लाचारी कह कर आप हँसे कितने आप सुरक्षित होंगे मैं सोचने लगा सहसा मुझे अकेला पा कर फिर से आप हँसे - गजानन माधव मुक्तिबोध Gajanan Madhav Muktibodh - रघुवीर सहाय Raghuvir Sahay राष्ट्रगीत में भला कौन वह भारत-भाग्य विधाता है फटा सुथन्ना पहने जिसका गुन हरचरना गाता है। मख़मल टमटम बल्लम तुरही पगड़ी छत्र चंवर के साथ तोप छुड़ाकर ढोल बजाकर जय-जय कौन कराता है। पूरब-पच्छिम से आते हैं नंगे-बूचे नरकंकाल सिंहासन पर बैठा, उनके तमगे कौन लगाता है। कौन-कौन है वह जन-गण-मन- अधिनायक वह महाबली डरा हुआ मन बेमन जिसका बाजा रोज बजाता है। - रघुवीर सहाय Raghuvir Sahay तोड़ो तोड़ो तोड़ो ये पत्थर ये चट्टानें ये झूठे बंधन टूटें तो धरती को हम जानें सुनते हैं मिट्टी में रस है जिससे उगती दूब है अपने मन के मैदानों पर व्यापी कैसी ऊब है आधे आधे गाने - भवानी प्रसाद मिश्र Bhawani Prasad Mishra जी हाँ हुज़ूर मैं गीत बेचता हूँ मैं तरह-तरह के गीत बेचता हूँ मैं क़िस्म-क़िस्म के गीत बेचता हूँ - महावीर प्रसाद द्विवेदी Mahavir Prasad Dwivedi महावीर प्रसाद द्विवेदी की कविताएं - भारत-दर्शन संकलन Collections कभी कभी खुद से बात करो, कभी खुद से बोलो । अपनी नज़र में तुम क्या हो? सत्य की जीत हीं तेरा लक्ष्य हो अपने मन का धीरज, तू कभी न खो रण छोड़ने वाले होते हैं कायर तू तो परमवीर है, तू युद्ध कर — तू युद्ध कर………………………. On the erotic landscapes of H. . . .

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Funny Adult Hindi Poem

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. जब वेदनाओं से मन भरा है, मैं फिर कैसे प्रेम-गीत गुनगुनाऊं? Posted on Categories हाथ में हाथ की हो हरारत तो इश्क़ बनता है मौजूद हो दरमियाँ शरारत तो इश्क़ बनता है आग उधर भी लगी हो और तुम भी सुलगो इश्क़ को इश्क़ की हो आदत तो इश्क़ बनता है गवाह हों सिलवटें जब शब् के कश्मकश की न मिले कहीं भी राहत तो इश्क़ बनता है फ़र्क़ कुछ न रहे महबूब और खुदा में तेरे जब करो उसकी इबादत तो इश्क़ बनता है शिद्दत की इंतिहां इस कदर होनी चाहिए जैसे प्यासे को पानी की हो चाहत तो इश्क़ बनता है नज़र झुकी हो और लब भी जब करीब आ जाएं फिर भी देखो उसकी इजाज़त तो इश्क़ बनता है Posted on Categories Posts navigation. The best way to express romantic poetry of urdu is in songs. The way the two lovers date each other and exchange promises to live together. जीवन के नवल वर्ष आओ, नूतन-निर्माण लिये, इस महा जागरण के युग में जाग्रत जीवन अभिमान लिये; - सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' Suryakant Tripathi 'Nirala' मैं जीर्ण-साज बहु छिद्र आज, तुम सुदल सुरंग सुवास सुमन, मैं हूँ केवल पतदल-आसन, तुम सहज बिराजे महाराज। - रोहित कुमार 'हैप्पी' नये बरस में कोई बात नयी चल कर लें तुम ने प्रेम की लिखी है कथायें तो बहुत किसी बेबस के दिल की 'आह' जाके चल सुन लें तू अगर साथ चले जाके उसका ग़म हर लें नये बरस में कोई बात नयी चल कर लें. उस अनपढ़ , के हाथों ना दी किसी ने एक कलम और किताब छीन लिया बचपन थमा दी लाठी दूर् कर भेद कर अलग कर इनसान को , इनसान से यहाँ… बस बाँट लिया आपस में हमने अपने अपने हिस्से का आसमान! Her works exploring the nature of romantic and erotic desire especially between women inspired us to search for other sexy poems for literary lovers.

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हम तुझ पर बलिहारी हिन्दी!! चलो, ये भी ठीक रहा!! पुरुष हो गया हाय पिशाच! । अमृतसर जलियान बाग का घाव भभकता सीने पर, देशभक्त बलिदानों का अनुराग धधकता सीने पर, गली नालियों का वह जिंदा रक्त उबलता सीने पर, आंखों देखा जुल्म नक्श है क्रोध उछलता सीने पर, दस हजार के बदले तेरे तीन करोड़ बहाऊंगा, जब तक तुझको. . All act was clutch, All fact contact, the attack and the interlock Of tongues, the charms of arms. इसी पुजारिन को समझो । दान दक्षिणा और निछावर इसी भिखारिन को समझो ॥ मैं उन्मत्त प्रेम की प्यासी हृदय दिखाने आयी हूँ । जो कुछ है, बस यही पास है इसे चढ़ाने आयी हूँ ॥ चरणों पर अर्पित है, इसको चाहो तो स्वीकार करो । यह तो वस्तु तुम्हारी ही है, ठुकरा दो या प्यार करो ॥ - सोहनलाल द्विवेदी Sohanlal Dwivedi हर घर, हर दर, बाहर, भीतर, नीचे ऊपर, हर जगह सुघर, कैसी उजियाली है पग-पग? Basically the poetry called in hindi the shayari,so the friendship poetry called Dosti shayari. . I shook at the touch Of his fresh flesh, I rocked at the shock of his cock. You can easily find Most Romantic Poetry in Urdu on Facebook.

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Hindi Funny Poem ...

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. क्यों घर छोड़कर मैं यों कढ़ी? Romantic Poetry Hot is best to express hot romantic feelings. थूक थूक कर जमीं के ऊपर हमें चटाने वाला कौन? पास प्यासे के कुआँ आता नहीं है, यह कहावत है, अमरवाणी नहीं है, और जिस के पास देने को न कुछ भी एक भी ऐसा यहाँ प्राणी नहीं है, कर स्वयं हर गीत का श्रृंगार जाने देवता को कौनसा भा जाए! अवन्तिका चाँद चांदनी को चाहता है जिस कदर, उस कदर चाहूँ मैं तुझे। मेरी एक खुवाईश है कि बस, या तू मेरी बन जा या अपना बना ले तू मुझे। मुझे अच्छी तरह याद है वो दिन, जब हमारा मिलन हुआ , ये भी याद है तुम ने उस दिन क्या पहना हुआ था, हमारी किस बात से वार्तालाप शुरू होई थी. . ना रहा कुछ, तो निर्धन सी, यादों की धनी होने की आरज़ू, अनजान से पहचान का लम्बा सफर गुज़रा, अब पहचान से अपनेपन की आरज़ू, तुम जीवन की मांग करते हो, मेरी तुम संग जीकर मरने की आरज़ू, ज़माना क्या कहता है!!!! ये दिल बस तुम्हें खुश देखना चाहता है, जब तुम खुश होते हूँ तो मुझे सारी कयानात खुश नज़र आती है, जब तुम उदास होते हूँ तो मुझे अपने आप से नफरत होती है, बस मेरा दिल तुझे भगवान की तरह पूजे , या तू मेरी बन जा या अपना बना ले तू मुझे। ना मेरे पास ज़्यादा पैसा ना ज़्यादा दौलत ,ना ही ज़्यादा शौरत, मैं तुम्हें प्यार करता था, करता हूँ और करता रहूँगा , बस तुम हमेशा के लिए मेरी बन जाओ और कुछ ना चाहूँ मैं उस खुदा से, बोलो भूषण अपनी फैमिली से कब मिलवाये तुझे । या तू मेरी बन जा या अपना बना ले तू मुझे। -भूषण धवन Chand Chandni ko chahta hai jis kadar, Us kadar chahu main tujhe ish kadar , Meri ek khwayish hai ki bas, Ya tu meri ban ja ya apna bana le tu mujhe, Mujhe acchi tarah yaad hai wo din, Jab hamra Milan hua , Ye bhi yaad hai tumne us din kya pehna hua tha, Hamari kis baat se vartalap shuru huyi thi, Bas us din ke baad mera dil teri yaad me sada dube, Ya tu meri ban ja ya apna bana le tu mujhe, Tum mere pass hoti ho to mujhe lagta hai ki duniya ki har khushi hai mere pass, Jab tum mere pass nahi to mere pass kuch bhi nahi, Tumhare bina ish dil ko aur kuch bhi nahi sujhe, Ya tu meri ban ja ya apna bana le tu mujhe, Jab se tum mujhe mile ho mera dil mere bas me nahi, Ye dil bas tumhien khush dekhna chahta hai, Jab tum khush hote ho to mujhe sari kayanat khush nazar aati hai, Jab tum udas hote ho to mujhe apne aap se nafrat hoti hai, Bas mera dil tujhe bhagwan ki tarah puje, Ya tu meri ban ja ya apna bana le tu mujhe, Na mere paas jyada paisa, na jyada daulat aur na hi jyada shauhrat, Main tumehin pyar karta tha, karta hu aur karta rahunga, Bas tum hamesha ke liye meri ban jao aur kuch na chahu main us khuda se, Bolo bhushan apni family se kab milwaye tujhe, — Bhushan dhawan बिछड़ी प्यार की धड़कने आँखों में नमी दे बन्द राहों की उलझनें जीने न दे वो खामोशियाँ भी इश्क़ को ही तलाशे कुछ अनकही सी ख्वाइशें दिल तो छुपा दे ये मोहोब्बत कैसा जो अंग अंग लुटा न दे…… -स्वेता Bichadi pyaar ki dhadkaney Aankhon mein nami de Bandh raahon ki uljhan Jeene na de Vo khamoshiyaan bhi Ishq ko hi talashe Kuch ankahi si khwaahishey Dil ne chupa de Yeh mohobbat kaisa Jo ang ang luta na de -Swetha याद है मुझे आज भी उनसे मेरी पहली मुलकात का वो सफर था वो बड़ा ही खास दिन मेरे लिये था वो सफर लम्बा पर सुनकर उनकी मीठी आवाज कर दिया सफर मेरा सुकून भरा मेरे सफर की पूरी थकान उतर गई जब उसने मुस्कुरा के मुझे देखा याद है मुझे मेरी नयी ज़िंदगी की नई शुरुआत इसी ऐसी सफर से मिली वो सफर सिर्फ एक सफ़र नहीं बल्कि मेरी ज़िन्दगी की नयी ख़ूबसूरत सूरत थी याद है मुझे आज भी उसने हमारी पहली मुलाक़ात का वो सफर -भारत ठाकुर Yaad hai mujhe aaj bhi unse Meri pehli mulakat ka vo safar, Tha vo bada hi khaas din mere liye, Tha vo safar lamba par sunkaar Unki mithi aavaaz kar diya Safar mera sukun bhara Mere safar ki puri thakaan utri gayi Jab usne muskurake muje dekha yad hai… Muje meri nai zindagi ki nai suruaat Esi safar se mili. चली आयी ॥ पूजा और पुजापा प्रभुवर! यही दिखा दो।। - जैनन प्रसाद रामायण के पन्नों में रावण को देख कर, काँप उठा मेरा मन अपने अंतर में झाँक कर। - नागार्जुन Nagarjuna सीता हुई भूमिगत, सखी बनी सूपनखा वचन बिसर गए देर के सबेर के बन गया साहूकार लंकापति विभीषण पा गए अभयदान शावक कुबेर के जी उठा दसकंधर, स्तब्ध हुए मुनिगण हावी हुआ स्वर्णमरिग कंधों पर शेर के बुढ़भस की लीला है, काम के रहे न राम शबरी न याद रही, भूले स्वाद बेर के - रोहित कुमार 'हैप्पी' दमदार ने पूरे दम से जान लड़ा दी मंज़िल पाने को, - रोहित कुमार 'हैप्पी' हार और जीत भोगते हैं तीनों ही - अनाड़ी, जुगाड़ी और खिलाड़ी। अनाड़ी को हारने पर आती है शर्म। - रोहित कुमार 'हैप्पी' - केदारनाथ सिंह कविता क्या है हाथ की तरफ उठा हुआ हाथ देह की तरफ झुकी हुई आत्मा मृत्यु की तरफ़ घूरती हुई आँखें क्या है कविता कोई हमला हमले के बाद पैरों को खोजते लहूलुहान जूते नायक की चुप्पी विदूषक की चीख़ बालों के गिरने पर नाई की चिन्ता एक पत्ता टूटने पर राष्ट्र का शोक आख़िर क्या है क्या है कविता? पूरी झल्ली है वो अब उसे बहुत प्यार करता हूँ मैं, वो जान है मेरी… ये इकरार करता हूँ मैं आजकल प्यार की नई कहानी लिख रहे हैं, वो और मैं वैसे तो पूरी दुनिया है अब मेरे साथ, पर मेरे सबसे पास है वो तभी तो कहता हूँ, लड़की नहीं…….

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Chidiya Rani Hindi Rhymes

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दिन भर घूमूँगा जंगल में लौट कहाँ पर आऊँगा। किससे लूँगा पैसे, रूठूँगा तो कौन मना लेगा कौन प्यानर से बिठा गोद में, मनचाही चींजे़ देगा। - रबीन्द्रनाथ टैगोर Rabindranath Tagore मेरा शीश नवा दो अपनी चरण-धूल के तल में। देव! शब्द वन्देमातरम् । हिंद हो या मुसलमान सब कहते वन्देमातरम् ॥ - सुशांत सुप्रिय हर बार अपनी तड़पती छाया को अकेला छोड़ कर लौट आता हूँ मैं जहाँ झूठ है , फ़रेब है , बेईमानी है , धोखा है -- हर बार अपने अस्तित्व को खींच कर ले आता हूँ दर्द के इस पार जैसे-तैसे एक नई शुरुआत करने कुछ नए पल चुरा कर फिर से जीने की कोशिश में हर बार ढहता हूँ , बिखरता हूँ किंतु हर हत्या के बाद वहीं से जी उठता हूँ जहाँ से मारा गया था जहाँ से तोड़ा गया था वहीं से घास की नई पत्ती-सा फिर से उग आता हूँ शिकार किए जाने के बाद भी हर बार एक नई चिड़िया बन जाता हूँ एक नया आकाश नापने के लिए. चूंकि उनके जीवन में आलस्य होती हैं, वे राहें ही इंसान की असल मंजिल होती हैं!! सदियों रहे साथ, पर दोनों पानी तेल सरीखे ; हम दोनों को एक दूसरे के दुर्गुन ही दीखे! तुम सौरभ-सी सहज मधुर बरबस बस जाती मन में, पतझर में लाती वसंत, रस-स्रोत विरस जीवन में, तुम प्राणों में प्रणय, गीत बन जाती उर कंपन में! बाँध लिया तुमने मुझको स्वप्नों के आलिंगन में! यूँ तो काव्यालय 22 वर्षों का जवान है किन्तु पिछले वर्ष ही हमने काव्यालय की पहली वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। काव्यालय हमारा व्यक्तिगत गैर-लाभकारी उद्यम है, किन्तु काव्यालय सिर्फ़ हमारा नहीं है। आपका भी है। आप ही से है। तो इस रिपोर्ट के द्वारा आपके संग काव्यालय के परदे के पीछे की कुछ झलकियाँ साझा करना हमारा हर्ष भी है और कर्तव्य भी। काव्यालय में जून 2018 से जून 2019 के बीच कविता ने अपने कवियों, पाठकों, सहयोगीयों के संग कैसे जिया? राह् कई है, अनजानी सी देख् पग धरो, रे मनवा चित्त की सुनो… अज्ञान- के कारे बादल गरजे बरसें बिन कोई मौसम आपने मन की लौ को जगा कर रखना तू हर पल रे मनवा ,चित्त की सुनो… ऐसे चित्त का चित्त रमाये ध्यान करे हरि का भव्सागर पार हो जाए कलयुग में जगा कर रोम रोम और प्राण रे मनवा , चित्त की सुनो हर बार अपने अपने हिस्से का आसमान वो नीला आसमान , कुछ तेरा , कुछ मेरा बाँट लिया आपस में हमने अपने हिस्से का आसमान कई रंग के ख्वाब यहाँ … जीने के हजारों मक़ाम… तेरी जेब में दुनिया को खरीदने का सारा सामान मैंने भी जोड़े चंद सिक्के , अपनाने कुछ ऐश ओ आराम. अपनी इच्छा शक्ति के बल पर उनको जवाब दे आओ न ………………………. There is a wellspring of naughty verse, so be sure to mention your personal favorites, below. Happy birthday to 20th-century poet and playwright Edna St. जिस ओर उठी अंगुली जग की उस ओर मुड़ी गति भी पग की जग के अंचल से बंधा हुआ खिंचता आया तो क्या आया? नहीं ही दीखता, किंतु वह रहा घूम तिलस्मी खोह में गिरफ्तार कोई एक, भीत-पार आती हुई पास से, गहन रहस्यमय अंधकार ध्वनि-सा अस्तित्व जनाता अनिवार कोई एक, और मेरे हृदय की धक्-धक् पूछती है - वह कौन सुनाई जो देता, पर नहीं देता दिखाई! Romantic poetry in Urdu for lovers images Read top Romantic Poetry in Urdu for Lovers images and share it with friends. पंजाब केसरी के सर ऊपर लट्ठ चलाने वाला कौन? Romantic poetry Hot is also best to express hot romantic feelings by poetry.

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Ek Mota Hathi Hindi Rhyme

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छोड़ो। पक्षी उन्हें खांय, तुम्हें पड़ा क्या? For the sake of love child This is description in Hindi poetry of a young age love. पहेलियों भरे इस जीवन को, मैं कैसे सरल तुम्हें बताऊं? मगर मैया तू तो अंग्रेजी-फ्रेंच-पुर्तगीज चाइनीज और जापानी सब कुछ समझ लेती ही है नेल्सन मंडेला के यहाँ से लोग-बाग आते ही रहते हैं. मैं सुन रहा कहानी। कोई निरपराध को मारे तो क्यों न उसे उबारे? सुख-दुख के मधुर मिलन से यह जीवन हो परिपूरन; फिर घन में ओझल हो शशि, फिर शशि से ओझल हो घन! है स्वर में माधुर्य नहीं । मन का भाव प्रकट करने को वाणी में चातुर्य नहीं ॥ नहीं दान है, नहीं दक्षिणा ख़ाली हाथ चली आयी ॥ पूजा की विधि नहीं जानती फिर भी नाथ! फिर अस्पताल की उनकी फोटो अपलोड कर दी फेसबुकिया यारों ने भी 'लाइक' मार-मार कर अपनी 'ड्यूटी' पूरी कर दी। - नरेंद्र शर्मा हिन्दुअन की हिन्दुआई देखी तुरकन की तुरकाई! Most Romantic Urdu Poetry Read the latest and largest collection of Urdu Love Poetry, Love Quotes, and love Poem of famous Poets. तुम्हारे कई उपासक कई ढंग से आते हैं । सेवा में बहुमूल्य भेंट वे कई रंग की लाते हैं ॥ धूमधाम से साजबाज से मंदिर में वे आते हैं । मुक्तामणि बहुमूल्य वस्तुएँ लाकर तुम्हें चढ़ाते हैं ॥ मैं ही हूँ गरीबिनी ऐसी जो कुछ साथ नहीं लायी । फिर भी साहस कर मंदिर में पूजा करने चली आयी ॥ धूप दीप नैवेद्य नहीं है झांकी का शृंगार नहीं । हाय! फूलों और कांटों के ऊपर बनी, वे राहें ही इंसान की असल मंजिल होती हैं!!. Posted on Categories जिस तरह बे मौसम बारिश सूखे पत्तों पे आवाज़ करती है, तुम आजकल बिन बोले मुझसे इस तरह बात करती हो, ना पता है तुमको मेरी परेशानी का ना ही मेरे दिल की हालत का, मैं ऐसा क्यों हो रहा हूँ यह सवाल भी नहीं करती हो, तुम्हें फ़िक्र रह गयी है अपनी और शायद सिर्फ़ अपनी, क्यों नहीं इस रिश्ते से निकल कर पहली सी मुलाक़ात करती हो, बहुत दिन हो गये मुझको दोपहर की नींद से जगाए, क्यों नहीं मेरे कानो में आकर कोई शरारत वाली बात करती हो, एक वक़्त था जब हम तुम थे सुख दुख के साथी, क्यों नहीं तुम मुझको समझा कर एक नयी शुरुआत करती हो, सूखे पत्तों की खरखराहट सी तुम मुझसे बात करती हो, मैं बहुत उदास हो जाता हूँ जब तुम मुझसे इस तरह बात करती हो.

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